फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध संगठन हमास ने कहा है कि वह इस्राईल को कभी भी मान्यता नहीं देगा।
हमास ने एक बयान जारी करके, नेतनयाहू के मंत्रिमंडल द्वारा ज़ायोनी शासन को यहूदी राज्य घोषित करने के विधेयक के मसौदे को पारित किए जाने पर प्रतिक्रिया स्वरूप कहा है कि वह कभी भी इस शासन को मान्यता नहीं देगा और ज़ायोनी मंत्रिमंडल का यह क़दम इस्लामी जगत के लिए ख़तरे की घंटी है। बयान में, इस्राईल को यहूदी राज्य घोषित किए जाने के विधेयक की मंज़ूरी जैसे ज़ायोनी शासन के नस्लवादी क़दमों की ओर से विश्व समुदाय को सचेत किया गया है। बयान के अनुसार ज़ायोनी शासन यह क़ानून पारित करवा के, एक धार्मिक युद्ध छेड़ना, पूरे अरब क्षेत्र पर क़ब्ज़ा करना और उसके स्रोतों को लूटना चाहता है।
हमास ने अपने बयान में कहा है कि सभी फ़िलिस्तीनी संघर्षकर्ता गुट, जातिवादी, अतिग्रहणकारी और विस्तारवादी ज़ायोनी शासन को जड़े से उखाड़ फेंकने तक उसके विरुद्ध अपना प्रतिरोध जारी रखेंगे।
ज्ञात रहे कि इस्राईली प्रधानमंत्री नेतनयाहू के मंत्रिमंडल ने रविवार को ज़ायोनी शासन को यहूदी राज्य घोषित करने के विधेयक के मसौदे को पारित कर दिया। नेतनयाहू इससे पहले यह भी कह चुके हैं कि फ़िलिस्तीन देश उसी स्थिति में गठित हो सकता है जब वह इस्राईल को एक यहूदी राज्य के रूप में स्वीकार करे।
24 नवंबर 2014 - 06:24
समाचार कोड: 653517
फ़िलिस्तीन के इस्लामी प्रतिरोध संगठन हमास ने कहा है कि वह इस्राईल को कभी भी मान्यता नहीं देगा।